गोरखपुर, यदि किसी ने आपसे कहा कि वह अपनी अच्छी-खासी सरकारी नौकरी छोडऩे जा रहा है तो आप उसके बारे में क्या राय रखेंगे? जाहिर सी बात है आप इस फैसले को बचकाना बताएंगे और नौकरी न छोडऩे की सलाह देंगे। जल निगम की चार महिला अवर अभियंताओं ने भी जब 34 महीने पुरानी नौकरी छोडऩे का मन बनाया तो सभी ने उनके फैसले को गलत बताया, लेकिन आज जल निगम की नौकरी छोड़कर यह महिला अवर अभियंता खुद को भाग्यशाली मान रही हैं। यह सभी सिंचाई विभाग में नौकरी कर रही हैं।
सपा सरकार में अवर अभियंता पद पर 54 महिलाएं हुई थीं नियुक्त
दरअसल, जल निगम में जनवरी 2017 में जिन 853 अवर अभियंताओं और लिपिकों की तैनाती हुई थी उनमें 54 महिला जेई भी शामिल थीं। इनमें से चार महिला जेई को गोरखपुर मंडल में तैनाती मिली थी। इन्होंने जनवरी 2017 से अक्टूबर 2019 तक जल निगम में नौकरी की।
2019 में दिया इस्तीफा
इसके बाद इन्होंने सिंचाई विभाग में नौकरी मिलने पर जल निगम से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने का कारण उन्होंने व्यक्तिगत बताया था। अब जब नियुक्ति निरस्त हो गई तो विभाग में महिला जेई के निर्णय की सराहना हो रही है।
फैजाबाद क्षेत्र की थीं महिला जेई
जल निगम में जिन्हें नौकरी मिली उन्हें गृह मंडल से बाहर तैनाती दी गई थी। गोरखपुर मंडल के जेई और लिपिकों को गाजियाबाद में पोस्टिंग मिली। फैजाबाद (अब अयोध्या) मंडल वालों को गोरखपुर मंडल में तैनाती मिली।